ब्राजील: क्या सब ख़ाक कर देगी अमेज़न की आग? जहां के जंगलों से घुट रहा पूरी दुनिया का दम।

ब्राजील के इलाके में अमेज़न के जंगलों में लगी आग से पूरा विश्व चिंतित है। यूरोपीए देश आग को लेकर परेशान है और ब्राजील यूरोपीए देशों के रूख पर नाराज हो गया है। हालात यहां तक पहुंचे कि फ्रांस के राष्ट्रपति और ब्राजील के राष्ट्रपति के बीच वाक युद्ध हो गया। इसी साल जनवरी 2019 में ब्राजील के राष्ट्रपति पद पर आसीन हुए जेयर बोल्सोनारो ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को खरी खोटी सुना दी। 
जी-7 की तरफ से जंगल में आग पर काबू पाने के लिए घोषित सहायता राशि भी लेने से इंकार कर दिया। हालांकि अंतराष्ट्रीय दबाव में आग पर काबू पाने के लिए बोलसोनारो ने ब्राजील की सेना को लगा दिया। बोलसोनारो खुद पूर्व सैनिक है। पर्यावरण सुरक्षा पर बजट कम करने वाले बोल्सोनारो को उम्मीद है कि ब्राजील की सेना आमेजन के जंगलों में लगी आग पर काबू पा लेगी।

क्या आप जानते हैं…9 देशों में फैला अमेज़न जंगल वैश्विक वातावरण को 20 प्रतिशत ऑक्सीजन देता है। जी हां…पूरी दुनिया की 20 फीसदी ऑक्सीजन देने वाला अमेजन जंगल आग की चपेट में करीब 2 हफ्ते से धूं-धूं कर जल रहा है।

खेती उद्योग और मांस निर्यातक लॉबी के निशाने पर अमेजन   
दरअसल अमेज़न के जंगल में आग के पीछे का मुख्य कारण विकास की अंध दौड़ है। एक अनुमान के अनुसार पिछले पचास सालों में अमेजन के जंगलों का 17 प्रतिशत इलाका नष्ट हो चुका है। इसका मुख्य कारण जंगल भूमि पर खेती और खनन का बढ़ता लोभ है। लेकिन संसाधनों में ये मुल्क अमीर है। इन इलाकों के संसाधनों पर विश्व के बड़े कारपोरेशनों की नजर हमेशा रही है। ब्राजील की वर्तमान दक्षिणपंथी सरकार वैचारिक तौर पर अमेरिका और इजरायल के नजदीक है। ब्राजील के प्राकृतिक संसाधनों पर बड़े कारपोरेशनों की नजर हमेशा रही है। दरअसल एक सोचे समझे खेल के तहत अमेजन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। दरअसल ब्राजील की जायर बोलसोनारों की सरकार सोयाबीन और मांस के कारोबार करने वाले कारपोरेट शक्तियों के दबाव में है।
 
साथ ही इस बीच चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध तेज हो गया है। इसका भी लाभ ब्राजील कमाना चाहता है। ब्राजील ने बीते कुछ समय में मांस और सोयाबीन का निर्यात में बढ़ोतरी की है। चीन और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार युद के कारण चीन ने ब्राजील से सोयाबीन आयात शुरू किया है।

ब्राजील के राष्ट्रीय अंतरीक्ष अनुसंधान संस्थान के आंक़ड़े के अनुसार जनवरी 2019 के बाद ब्राजील के इलाके मे आमेज़न जंगल के अंदर 3 हजार वर्ग किलोमीटर का जंगल क्षेत्र आग के कारण नष्ट हो गया। जबकि बोलसोनारो इस सच्चाई को स्वीकार करने के बजाए इसे गलत ठहराते है। एक तरफ वो जंगलों में आग के लिए स्वयंसेवी संगठनों को दोषी ठहरा रहे है, वहीं अफवाह के लिए भी वे स्वयंसेवी संगठनों को जिम्मेवार ठहरा रहे है। वही दूसरी तरफ बोल्सोनारो ने ब्राजील के पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी के बजट में इसी साल अप्रैल में 24 प्रतिशत कटौती कर दी।

बजट में कटौती के बाद पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी के पास अमेज़न क्षेत्र की निगरानी के लिए संसाधनों की कमी आ गई है। जेयर बोल्सोनारो दवारा बजट कम करने के फैसले के बाद उन पर संदेह ज्यादा बढ़ गया। संदेह व्यक्त किया गया कि खनन और खेती की जमीन बढ़ाने वाले लॉबी के प्रभाव में उन्होंने पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित बजट की कटौती का फैसला लिया। बोल्सोनारो वैसे लगातार अमेजन के जंगलों के नुकसान को लेकर उल्टे-सीधे बयान दे रहे है। इसमें कई तरह की शक्तियां सक्रिय रही है। लेकिन बोलसोनारो की नीतियों के कारण जंगल को नुकसान पहुंचाने वाली शक्तियां खासी सक्रिय हो गई है।

पर्यावरण एजेंसियों के आंक़ड़े बताते है कि पहले भी जंगल में मानवजनित आग लगाई जाती रही है।
2013 में ब्राजील के आमेजन जंगल में 39584 आग लगने की घटना हुई थी।
2014 में आग लगने की 62691 घटना सामने आयी।
2015 में 57545, 2016 में 76185,
2017 में 57870 और 2018 में 45086 आग लगने की घटना अमेज़न के जंगलों में हुई।
लेकिन जेयर बोल्सोनारो के कार्यकाल में आग लगने का रिकार्ड टूट गया। 2019 में जनवरी से जुलाई तक 80626 आग लगने की घटना ब्राजील क्षेत्र के अमेज़न जंगलों में घट चुकी है। अगर पिछले साल के आग की घटनाओं से इस साल की आग की घटनाओं की तुलना की जाए तो इसमें 84 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

अमेज़न जंगलों में लगी आग के साथ हॉलीवुड कनेक्शन
अक्टूबर 2019, सैन फ्रांसिस्को, कैलिफ़ोर्निया के उत्तर, सोनोमा काउंटी में, बेकाबू आग लगी। जिसके कारण कैलिफोर्निया के पूर्व गवर्नर, बॉडी बिल्डर और मशहूर हॉलीवुड कलाकार, अर्नाल्ड श्वार्जनेगर को घर छोड़कर भागना पड़ा। दो साल पहले हॉलीवुड फिल्म अभिनेता, जेरार्ड बटलर और मशहूर गायिका, माईली सायरस का घर जलकर राख हो गया।


अमेज़न की खास बात

‘धरती का फेफड़ा‘ कहा जानेवाला अमेज़न, 9 देशों (ब्राजील, बोलविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया, वेनजुएला, सुरीनाम, फ्रेंच गुइआना और गुयाना ) के 55 लाख वर्ग किमी में फैला हुआ है, पूरे यूरोप संघटन से भी बड़ा और ये ग्रह के बाकी वर्षावनों का आधा हिस्सा बनता है। उनके पत्तों और पेड़ों में बंद, 120 बिलियन मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) भरी है, इतनी, जितनी पूरी दुनिया को मिलाकर 12 सालों तक का प्रदूषण। इसमें से अगर कुछ भी जल जाए, तो फिर से एक ऐसी ही भयावह घटना घट सकती है, लेकिन इस बार, पृथ्वी के पास खुद को ठीक करने के लिए पर्याप्त वक्त नहीं मिलेगा क्योंकि मनुष्य, एक के बाद एक नुकसानदेह चीज करता जा रहा है। ये डर उन ग्रामीणों में नहीं है, जो पेड़ कांटते है, जिन्होंने अगस्त 2019 के ‘जलाने के मौसम’ में, पिछले साल की तुलना में, लगभग चार गुना ज्यादा वृक्षों को आग लगाई है।

प्राकृतिक आग वनों को अपने आप को पुन: चक्रित करने का मौका देती है, क्योंकि जब पेड़ जलते हैं, तो सूरज की रोशनी को जंगल के फर्श तक पहुंचने का मौका मिलता है, जिससे नए पेड़ उगते हैं।लेकिन ये किसान, पेडों और पत्तों की राख को खाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं, जो बेशक ज़मीन को कृषि के योग्य बनाती है।हालांकि केवल कुछ वर्षों के लिए; क्योंकि जब असर ख़त्म हो जाता है, तो वे बेकार की गई ज़मीन को छोड़कर, नए इलाके को जलाते है; ये सिलसिला जल्द ही जंगल को…रेगिस्तान में बदल सकता है।

 

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