“इंक़लाब” से ‘अमिताभ बच्चन’ कैसे बनें, जानिए ये दिलचस्प किस्सा।

हम जहां खड़े हो जाते हैं…लाईन वहीं से शुरु हो जाती है। ये डायलॉग सुनने में तो एक पंक्ति है, लेकिन बिग बी ने इसे हिट डॉयलॉग बना दिया, जिसे लोग आज भी याद करते हैं…ठिक वैसे ही बिल्कुल अपने नाम कि तरह…अमिताभ बच्चन…अमिताभ बच्चन का नाम शुरू में लोगों को भले ही अजीब लगा, लेकिन इस नाम आज दुनिया जानती है। जी हां “बच्चन” शब्द किसी जाति या धर्म को नहीं दर्शाता। बिग बी का ये नाम फिल्मी करियर के लिए किसी वरदान से कम ना था। लेकिन क्या आप सब ये जानते हैं कि अमिताभ का नाम पहले इंकलाब था?

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की जिंदगी और उनके नाम के पीछे की कहानियां बड़ी ही दिलचस्प हैं। चलिए ये किस्सा आज आपको भी सुनाते हैं।

जी हां…दरअसल, बिग बी कि पैदाइश 1942 में हुई… उस वक्त गांधी जी का भारत छोड़ो आंदोलन बहुत प्रबल हुआ था। आंदोलन और देश भक्ति के माहौल में जन्में बिग बी का नाम “इंकलाब” रखा गया और कहा जाता है, कि आगे चलकर कवि सुमित्रानंदन पंत ने ही बिग बी का नया नाम सुझाया था…
“हरिवंशजी, आप इंकलाब का नाम बदलकर अमिताभ क्यों नहीं रख देते, “वो ​​प्रकाश…जो कभी बुझता नहीं”!
ये तो सभी जानते हैं कि बिग बी के पिता हरिवंश राय उर्दू और अवधी के एक जाने-माने कवी थे, जो ‘बच्चन’ कलम नाम से किताबें लिखा करते थे; बोलचाल की भाषा में इसका मतलब होता है “बच्चों जैसा”। यानी दोनों को मिलाकर नाम पड़ा…अमिताभ बच्चन।

वैसे अमिताभ को इंडस्ट्री में आने से पहले संघर्ष का सामना करना पड़ा था। उनकी आवाज के चलते ऑल इंडिया रेडियो ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था और बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई बार उनसे उनका नाम बदलने को कहा गया। लोगों का मानना था कि अमिताभ इस नाम के साथ इंडस्ट्री में सफल नहीं हो पाएंगे। लेकिन आज बिग बी किस मुकाम पर हैं वो हम सब जानते हैं। 

मुकद्दर का खेल देखिए; अमिताभ के फिल्मी करियर की शुरुवात भी, एक ‘इन्कलाबी’ फिल्म से हुई; के.ए अब्बास की ‘सात हिंदुस्तानी’। (7 नवंबर 1969) काफी मुश्किलों के बाद फिल्म में उनका चुनाव हुआ। साथ ही फिल्म का बजट ना के बराबर था, क्रू और अभिनेता को खुद सारा सामान हर जगह हटवाना पड़ता था। एक सीन के लिए जहां अमिताभ को दाढ़ी बढ़ानी थी, मेकअप आर्टिस्ट हर एक बाल को गोंद के साथ उनके चेहरे पर चिपकाया था, शूट से 7 दिन पहले, क्योंकि वो ये काम मुफ्त में कर रहा था। जिस वजह से अमिताभ ने पूरे हफ्ते नहाया तक नहीं। हालंकि फिल्म इतनी चली नहीं।

लेकिन उन्‍होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने राजेश खन्ना के साथ फिल्म ‘आनंद’ (1971) में काम किया। इस फिल्म के लिए उन्हें पहला फिल्मफेयर अवार्ड मिला। इसके बाद उन्होंने ‘परवाना’, ‘रेशमा और शेरा’, ‘गुड्डी’ और ‘बावर्ची’ जैसी फिल्मो में काम किया। साल 1973 में फिल्म ‘जंजीर’ उनके करियर में मील का पत्थर साबित हुई। इस फिल्म के बाद वे एंग्री यंग मैन बनकर उभरे। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज…जिस शख्स कि आवाज नहीं पसंद कि गई थी…नाम पसंद नहीं किया गया, वो आज बॉलीवुड सदी का महानायक बन गया है। 

फिल्मों के साथ-साथ, साल 1984 में अमिताभ बच्चन ने इलाहाबाद कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। इन चुनावों में उन्होंने यूपी के पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया था। बता दें कि अमिताभ का पॉलिटिकल करियर तीन साल ही चल पाया और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

साल 2003 में अमिताभ के सिर से पिता का साया उठ गया और साल 2007 में उनकी मां ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 

अमिताभ बच्‍चन की चर्चित फिल्‍मों में जंजीर, नमक हराम, रोटी कपड़ा और मकान, दीवार, कभी कभी, हेराफेरी, अमर अकबर एंथोनी, खून पसीना, परवरिश, कसमें वादे, त्रिशूल, डॉन, काला पत्थर, सुहाग, लावारिस, सिलसिला, कालिया, सत्ते पे सत्ता, नमक हलाल, मुकद्दर का सिकंदर, मिस्टर नटवरलाल,  शराबी, खुद्दार, शक्ति, अग्निपथ, मोहब्बतें, एक रिश्ता, कभी ख़ुशी कभी ग़म, आंखें, अक्स, कांटे, बागबान, खाकी, वीर-जारा, ब्‍लैक, सरकार और कभी अलविदा न कहना, पीकू, ठग्स ऑफ हिंदोस्तान जैसी फिल्में शामिल है।

अमिताभ बच्‍चन को सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेता के लिए 4 राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार मिल चुके हैं। कई अंतर्राष्‍ट्रीय मंचों पर भी पुरस्‍कार जीते हैं। 15 फिल्‍मफेयर अवार्ड और 41 बार नॉमिनेट भी हुए। साल 1954 में पद्मश्री, साल 2001 में पद्म भूषण और साल 2015 में पद्म विभूषण से सम्‍मानित किया गया है।

फिल्मों के साथ बिग बी टीवी जगत पर भी राज कर रहें है। बॉलीवुड में हाफ सेंचुरी पूरी करने के बाद आज तक अमिताभ बच्चन का चार्म बरकरार है। आज भी वो बड़े पर्दे पर दिखते हैं तो उनके आगे बड़े से बड़ा स्टार फीका पड़ जाता है। अमिताभ ने ये साबित कर दिया कि वो इंडस्ट्री में लंबी पारी खेलने आए हैं, हम भी यही चाहते है कि बिग बी यूं ही सालों साल अपने अभिनय से लोगों के दिलों में राज करते रहें और हिट पर हिट देते रहें।

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