क्या है कैंब्रिज एनालिटिका घोटाला?

फेसबुक से डाटा चोरी कर उसका चुनाव अभियान में उलका गलत इस्तेमाल करने का आरोप झेल रही कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी ने अपनी कंपनी बंद करने का फैसला किया। कंपनी कुछ समय बाद अपनी सभी इकाइयां भी बंद करने पर भी विचार करेगी। कंपनी ने अपने एक बयान में कहा कि वो डेटा संचालन पर एक विवाद में शामिल कैंब्रिज एनालिटिका और इसकी ब्रिटिश मूल कंपनी एससीएल चुनाव लिमिटेड को तुरंत बंद करने पर विचार कर रही है।

आखिर क्या है कैंब्रिज एनालिटिका घोटाला?

कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी पर आरोप है कि इसने संबंधित देश के फेसबुक यूजर्स का डाटा चुराकर उसका इस्तेमाल चुनाव के दौरान किया। डेटा लीक के इस मामले के सामने आने के बाद भारत सरकार ने संबंधित कंपनी समेत फेसबुक पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी। गौरतलब है कि कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के पांच करोड़ सदस्‍यों से जुड़ी जानकारियों का दुरुपयोग करने आरोप लगा था।

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फेसबुक के निजी डेटा का इस्तेमाल अवैध रूप से राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किए जाने का खुलासा करने वाले क्रिस्टोफर वाइली ने कहा कि उसके पूर्व नियोक्ता कैंब्रिज एनालिटिका का भारत से संबंध है और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) समेत कुछ पार्टियों ने ‘इच्छित नतीजे’ पाने के लिए कंपनी की भारतीय इकाई से चुनावी अध्ययन करवाए थे।  कैंब्रिज एनालिटिका के मातृ संगठन, एससीएल समूह का मुख्यालय गाजियाबाद के इंदिरापुरम में है और इसका क्षेत्रीय कार्यालय अहमदाबाद, बेंगलुरू, कटक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोलकाता, पटना और पुणे में है। वाइली ने ट्वीट किया, “भारतीय पत्रकारों की तरफ से मेरे पास ढेर सारे अनुरोध आ रहे हैं। इसलिए यहां भारत में एससीएल की कुछ पिछली परियोजनाओं को पेश कर रहा हूं। सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्न का जवाब ये है कि ‘हां, एससीएल/सीए भारत में काम करती है और वहां उसके कार्यालय हैं।’ ये आधुनिक उपनिवेशवाद जैसा है।”

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