फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर ज़ोमैटो और स्विगी के बीच दंगल, लेकिन नुकसान में रेस्टोरेंट मालिक!

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर मशहूर ज़ोमैटो ने इंडियन मार्केट पर ऐसा जादू चलाया है कि जिसे कोई और अब तक नहीं कर सका। ग्राहकों के जेब से पैसा तो निकालता ही है…साथ ही साथ रेस्टोरेंट को भी अच्छी खासी चपत लगाता है। ज़ोमैटो देखते ही देखते अब तक 11 लाख* मेम्बर बना चुका है। उनका…ज़ोमैटो* गोल्ड रेस्टोरेंट में खाने या “डाइन-इन’ पर, एक के ऊपर एक मुफ्त और ड्रिंक्स पर दो के ऊपर दो, जिससे भाव…आधा हो जाता है! इन्होने, जिनमें से कुछ लोगों ने वार्षिक ₹2,000 रुपए देकर, खुद को सदस्य बना लिया है।इन भारी संख्या वाले मेम्बरों के बल पर, ये वादा करते हुए, कि रेस्टोरेंटो मालिको का व्यापार बेहिसाब बढ़ेगा, वे रेस्टोरेंटो से इस योजना में शामिल होने के लिए,₹79,000 रु तक लेते है, हांलकि वे पहले शुरुआती दौर में  ₹25-45,000 रुपए ही लेते थे। होड़ देखते हुए कि हर रेस्टोरेंट इसमें भर्ती कर रहा था, बचे कुचे भी डर के मारे उसमें कूद पड़े…लेकिन ये भी सच है कि जो सपना ज़ोमैटो ने रेस्टोरेंट मालिकों को दिखाया हकीकत उससे बहुत अलग है। रेस्टोरेंट मालिक का इसमें नफा नहीं बल्कि नुकसान ही नुकसान है। फायदा तो सिर्फ और सिर्फ जोमैटो जैसे ऐप्स चलाने वालों कि है।

इसके साथ जोमेटो के एक हालिया ट्वीट ने उन कयासों को तेज कर दिया है कि ये अब एक ऐसी सेवा शुरू कर सकता है जहां लोग घर का बना खाना ऑर्डर कर सकते हैं। इसमें उम्र के अनुसार टिफिन सेवा शामिल हो सकती है, जो अभी भी देश के कई हिस्सों में लोकप्रिय है। खासकर छात्रों, नौकरीपेशा और निजी छात्रावास में रहने वाले लोगों के बीच ये सेवा काफी लोकप्रिय है। 

जी हां, वो करेगा अपने खुद के 600 क्लाउड किचन के साथ, वे भारत भर में, मुंबई ‘डब्बावाला’ जैसी सेवा योजना बनाना चाहते हैं। 2017 में फूडपांडा को खरीदने वाला, ओला भी विशेष रूप से क्लाउड किचन से ही व्यापार करने का मन बना चुका है। जोमेटो की प्रतिद्वंदी स्वीगी पहले ही गुरुग्राम (हरियाणा) में अपने 1000 से अधिक उपभोक्ताओं को नए एप ‘स्वीगी डेली’ के जरिए खाना घर- घर परोस रही है। ये लोगों को टिफिन सर्विस और घरेलू बावर्चियों द्वारा घर पर बने खाने का ऑर्डर करने की सुविधा देता है। नए स्वीगी ऐप में एक दिन, एक सप्ताह या एक महीने के लिए सब्सक्रिप्शन कराने के बाद खाना ऑर्डर हो पाता है। जोमेटो का ट्वीट इस बात का संकेत हो सकता है कि वो भी स्वीगी की तरह घर पर बने खाने की सेवा शुरू कर सकता है।
दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन भी जल्द ही भारत में अपनी फूड डिलीवरी सर्विस लॉन्च करने जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल(2019) अक्टूबर-नवंबर में दीपावली तक अमेजन अपनी येे सर्विस लॉन्च कर सकता है। 

लेकिन हैरानी कि बात तो है कि खाने के स्वाद और आराम के चक्कर में लोग ये भूल गए कि विदेशी कंपनियां कैसे भारतीय बाजार पर हावी हो रही है और पुराने जमाने से चले आ रहे “डब्बावाला” इस विदेशी होड़ का शिकार बनेंगे और होटल मालिक तो डूब ही गए समझो।

बहरहाल ये पक्का है कि इनकी लड़ाई में बकरा तो रेस्टोरेंट मालिक है जो बेवजह शिकार बन रहें है। वो शामिल हो तो नुकसान ना हो तो भी उनका ही नुकसान। देखते है कि आने वाले वक्त में क्लाउड किचन इनके लिए कितनी परेशानी लेके आता है। और देखना ये भी दिलचस्प होगा की इनमें कौन मारेगा बाजी और कौन करेगा फूड ऐप्स कि दुनिया में राज।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *